Mahabodhi Temple Dispute/महाबोधि मंदिर विवाद: हिंदू बनाम बौद्ध समुदाय:

Home   »  Mahabodhi Temple Dispute/महाबोधि मंदिर विवाद: हिंदू बनाम बौद्ध समुदाय:

April 2, 2025

Mahabodhi Temple Dispute/महाबोधि मंदिर विवाद: हिंदू बनाम बौद्ध समुदाय:

Why in News ? Mahabodhi Temple in Bodh Gaya, Bihar, a UNESCO World Heritage Site has been a point of contention between Hindu and Buddhist communities for decades.

Why is this important for UPSC Prelims & Mains?

 Mains -Historical and Cultural Significance (GS I – History, Art & Culture):

Background of the Issue:

  • Mahabodhi Temple in Bodh Gaya, Bihar, is the holiest site in Buddhism, as it marks the spot where Gautama Buddha attained enlightenment.
  • The temple has been managed under the Bodh Gaya Temple Act, 1949, which mandates an eight-member management committee—four Hindus and four Buddhists.
  • The Bodh Gaya Math, a Hindu monastery, has historically played a significant role in managing the temple.

Current Protests and Demands:

  • Buddhist organizations, led by the All India Buddhist Forum (AIBF), are demanding the repeal of the 1949 Act and complete Buddhist control over the temple.
  • They argue that Hindu monks have been conducting Vedic rituals, which go against Buddhist traditions.
  • Protests have taken place across India, from Ladakh to Mumbai and Mysuru.
  • In February 2025, Bihar police forcibly removed Buddhist monks from the temple premises after they had been on a 14-day hunger strike.

Historical Context:

  • Emperor Ashoka built the Mahabodhi Temple in 260 BCE after embracing Buddhism.
  • The temple was under Buddhist control until the 13th century, when political changes led to its decline.
  • From the 13th to the 18th century, the temple was mostly abandoned, and in 1590, a Hindu monk took control, establishing the Bodh Gaya Math.
  • In the late 19th century, Sri Lankan and Japanese Buddhist monks tried reclaiming the temple, leading to the formation of the Maha Bodhi Society.
  • In 1903, Lord Curzon attempted to mediate between Hindus and Buddhists, but no agreement was reached.
  • In 1949, the Bihar government passed the Bodh Gaya Temple Act, formalizing shared Hindu-Buddhist management.

Hindu vs. Buddhist Perspectives:

Buddhist Protesters’ View:

  • Claim that their rights are being violated under the Act.
  • Argue that all religious communities in India control their own holy sites, and Buddhists should have sole control of Mahabodhi Temple.
  • Blame the government and Supreme Court for failing to act on their demands.

 

Hindu Math’s View:

  • Argue that Hindus preserved the temple when Buddhists abandoned it after Muslim invasions.
  • Claim the protests are politically motivated ahead of the Bihar elections.
  • Deny mistreating Buddhist visitors and insist that the current system is fair.

Legal and Political Aspects:

  • In 2012, two Buddhist monks filed a petition in the Supreme Court challenging the 1949 Act and demanding exclusive Buddhist control.
  • As of 2025, the case has not been heard, leading to renewed protests.
  • Political factors may be influencing both sides, especially with Bihar Assembly elections approaching.

महाबोधि मंदिर विवाद: हिंदू बनाम बौद्ध समुदाय:

 खबर में क्यों? महाबोधि मंदिर, जो बिहार के बोधगया में स्थित है और एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, हिंदू और बौद्ध समुदायों के बीच लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है।

  • बौद्ध संगठनों द्वारा मंदिर पर पूर्ण नियंत्रण की मांग को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

यूपीएससी प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए महत्व

मुख्य परीक्षा (GS-I: इतिहास, कला और संस्कृति):

विवाद की पृष्ठभूमि:

  • महाबोधि मंदिर, बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है, क्योंकि यह वही स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था
  • 1949 के बोधगया मंदिर अधिनियम के तहत आठ-सदस्यीय प्रबंधन समिति बनाई गई, जिसमें चार हिंदू और चार बौद्ध सदस्य होते हैं।
  • बोधगया मठ (एक हिंदू मठ) लंबे समय से मंदिर के प्रबंधन में प्रमुख भूमिका निभाता रहा है।

वर्तमान विरोध और मांगें:

  • अखिल भारतीय बौद्ध मंच (AIBF) के नेतृत्व में बौद्ध संगठन 1949 अधिनियम को समाप्त करने और मंदिर पर पूर्ण बौद्ध नियंत्रण की मांग कर रहे हैं।
  • बौद्ध संतों का आरोप है कि हिंदू साधु मंदिर परिसर में वैदिक अनुष्ठान कर रहे हैं, जो बौद्ध परंपराओं के विरुद्ध है।
  • देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें लद्दाख, मुंबई, और मैसूरु जैसे शहर शामिल हैं।
  • फरवरी 2025 में, बिहार पुलिस ने मंदिर परिसर में 14 दिन से भूख हड़ताल कर रहे दो दर्जन बौद्ध भिक्षुओं को जबरन हटाया

ऐतिहासिक संदर्भ:

  • 260 ईसा पूर्व में सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाने के बाद महाबोधि मंदिर का निर्माण कराया।
  • 13वीं शताब्दी तक मंदिर बौद्ध नियंत्रण में था, लेकिन उसके बाद राजनीतिक उथल-पुथल के कारण यह उपेक्षित हो गया।
  • 13वीं से 18वीं शताब्दी तक मंदिर लगभग निर्जन रहा, और 1590 में एक हिंदू संत ने वहां रहना शुरू किया तथा बोधगया मठ की स्थापना की।
  • 19वीं शताब्दी के अंत में, श्रीलंका और जापान के बौद्ध भिक्षुओं ने मंदिर को पुनः प्राप्त करने का प्रयास किया, जिससे महाबोधि सोसाइटी का गठन हुआ।
  • 1903 में लॉर्ड कर्ज़न ने हिंदू और बौद्ध पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे।
  • 1949 में बिहार सरकार ने बोधगया मंदिर अधिनियम पारित किया, जिसमें हिंदू-बौद्ध संयुक्त प्रबंधन की व्यवस्था की गई।

हिंदू बनाम बौद्ध पक्ष की दलीलें:

बौद्ध भिक्षुओं का पक्ष:

  • उनका दावा है कि 1949 अधिनियम उनके अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है।
  • वे कहते हैं कि भारत में हर धर्म अपने धार्मिक स्थलों का प्रबंधन खुद करता है, इसलिए महाबोधि मंदिर पूरी तरह से बौद्धों को सौंपा जाना चाहिए
  • भारत सरकार और सुप्रीम कोर्ट पर निष्क्रियता का आरोप लगाया गया है।

हिंदू मठ का पक्ष:

  • हिंदू मठ के अनुसार, जब मुस्लिम आक्रमणों के बाद बौद्धों ने मंदिर छोड़ दिया, तब हिंदुओं ने इसकी रक्षा की
  • वे इन विरोधों को “राजनीतिक रूप से प्रेरित” मानते हैं, क्योंकि बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं
  • उनका कहना है कि मंदिर का वर्तमान प्रबंधन संतुलित और निष्पक्ष है।

कानूनी और राजनीतिक पहलू:

  • 2012 में, दो बौद्ध भिक्षुओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें 1949 अधिनियम को चुनौती देते हुए मंदिर पर पूर्ण बौद्ध नियंत्रण की मांग की गई
  • 2025 तक यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिससे फिर से प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
  • बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, इस मुद्दे के राजनीतिकरण की संभावना जताई जा रही है।

निष्कर्ष:

महाबोधि मंदिर विवाद भारत में धर्म, संस्कृति और राजनीति के जटिल समीकरणों को दर्शाता है। यह मुद्दा केवल धार्मिक स्वामित्व तक सीमित नहीं, बल्कि संविधान, विधि, और ऐतिहासिक दावों से भी जुड़ा है।


Get In Touch

B-36, Sector-C, Aliganj – Near Aliganj, Post Office Lucknow – 226024 (U.P.) India

vaidsicslucknow1@gmail.com

+91 8858209990, +91 9415011892

Newsletter

Subscribe now for latest updates.

Follow Us

© www.vaidicslucknow.com. All Rights Reserved.

Mahabodhi Temple Dispute/महाबोधि मंदिर विवाद: हिंदू बनाम बौद्ध समुदाय: | Vaid ICS Institute